संदेस

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी गुरूपूर्णिमा उत्सव 9-7-17 दिन रविवार को अघोरपीठ ट्रांसपोर्ट नगर गोरखपुर मे गुरू पूजन श्रद्धापूर्वक दिन मे ठीक 10.30 धूमधाम से मनाया जायेगा l इस अवसर पर आप सभी से अनुरोध है कि सपरिवार पधारें एवं पूज्य गुरुवर से आशीर्वाद प्राप्त करें l

         






अघोर क्या है।

अघोर मार्ग की साधना को लोक तक पहुँचाना और इस मार्ग के बारे में फैले भरम को दूर करना आश्रम का उद्देश्य है। सेवा और लोक कल्याण का भी कार्य यह आश्रम करता है। मानव सेवा ही हमारे लिए सर्वोपरि है। यह पूछने पर कि अघोर पंथ क्या है? उन्होंने कहा कि बहुत ही सरल रूप से शक्ति कि आराधना करते हुए स्वयं के स्वरूप को उपलब्ध होने का मार्ग है अघोर पंथ। अघोर का अर्थ है - जो जटिल न हो, सरल व सुगम हो। लेकिन कालांतर में इसे कुछ कुछ फरेबियों द्वारा ऐसे साधन के रूप में प्रचारित किया गया जो लोगों को आतंकित करता है। उन्होंने कहा कि औघण एकदम सीधा - साफ होता है। उसकी बातें बहुत सीधी होती हैं। कहीं कोई उलझाव नहीं होता है। उसका कोई विशेष प्रकार का वस्त्र व आभूषण भी नहीं होता। सरकार बाबा अवधूत भगवान राम कहते है कि सीधा हो जाओ सिद्ध हो जाओगे। जो लोग इस मार्ग के बारे में अफवाहें फैला रहे है। या फैलाएं हैं उनका इस पंथ से कोई लेना देना नहीं है। -अवधूत छबीलेराम, पीठ प्रमुख ।







अघोरपीठ ट्रस्ट